"कुछ दिन पुरानी बातें है ,
पर कहने को कुछ है नहीं
आज यहां आए तो पता चला कुछ तो ख़ास था उन बातों में
यू ही नहीं याद आई है ये दोबारा"
पर कहने को कुछ है नहीं
आज यहां आए तो पता चला कुछ तो ख़ास था उन बातों में
यू ही नहीं याद आई है ये दोबारा"
नमस्कार दोस्तो जो भी मैं लिखता हूं ,वो मेरे वास्तविक जीवन से संबधित होता है। किसी भी व्यक्ति विशेष को लेकर यह नहीं लिखा जाता है। अगर कभी कोई गलती होती है तो इसके लिए मैं पहले ही क्षमा प्रार्थी हूँ l
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