Thursday, November 14, 2019

प्यार की गणित


।। जब  भी उन्हें देखता हूं, इंटेग्रेट होकर कॉन्स्टेंट बनाने का ख्याल आता है........

जब  भी उन्हें देखता हूं, इंटेग्रेट होकर कॉन्स्टेंट बनाने का ख्याल आता है........

 पर वो भी पहुंची हुई चीज है जीरो फंक्शन की तरहा

हर बार मेरा  इंटीग्रेटशन भी जीरो ही आता है ।।



Thursday, October 31, 2019

मां

।। मेरी तक़दीर तुझ से बदलेगी,

     मेरी तस्वीर भी तुझ से ही बदलेगी,

       मेरे साथ हमेशा रहना ओ "मां सरस्वती"

          मेरी क़िस्मत कि लकीरें भी तो तुझ से ही निखरेगी ।।

       
प्राचीन कालीन मा सरस्वती की छवि

Saturday, October 19, 2019

यादें

     ।।  आज वही दिन लौट कर आया है,
        एक बार फिर तेरी यादें साथ लाया है,
        हमें तो आज भी याद है ये दिन,
   क्या तुम्हें एक बार हमारा ख़्याल भी आया है ।।

Tuesday, October 15, 2019

विद्यार्जन

    करो पढ़ाई और करो पढ़ाई की बातें ,
         इन कंबखत उंच -नीच की बातों में क्या रखा है।
 
कुछ आएगा हाथ में तो अपने आप ही इज्जत मिलेगी,
      ऐसे बोल कर इज्जत मांगने में  क्या रखा है।

 

Wednesday, October 2, 2019

हौसला -ए -जुनून

।। तख्त -ए -सरदार तो रोज़ बदलते है,
     तख्त ए ताज को बदल कर दिखाओ,
       बहुत देखे है हमने हवाओं को मोड़ने वाले
      कोई समंदर- ए -लहर को बदल कर दिखाओ ।।

Tuesday, October 1, 2019

नज़रिया- ए - इश्क़

।। इश्क़ के समंदर में कभी डूबने की सोचना मत

इश्क़ के समंदर में कभी डूबने की सोचना मत
और जो डूब जाओ ......
                                  तो सोचना मत ।।

Sunday, September 29, 2019

व्यंगात्मक



 
।। जब भी कुछ जोड़ता हूं ,तो घटा हुआ आता है
 जब भी कुछ लिखता हूं,तो मिटा हुआ पाता है
जिंदगी में पता नहीं किसका भाग लगा है
साला
    अब तो दोगुना भी अंडररूट सा ही आता है।।

वो दिन

"कुछ दिन पुरानी बातें है ,
 पर कहने को कुछ है नहीं
आज यहां आए तो पता चला कुछ तो ख़ास था उन बातों में
 यू ही नहीं याद आई है ये दोबारा"

Saturday, September 28, 2019

Positivity


"Ek kadam chalo to, 
dusra apane aap uthne ko taiyar hain

Are tum bs ek kosis karke to dekho ,
safalta milne ko taiyar hain"

आशाएं


 "Halato se ruka nahi ,bad se badatar aaye hain,
Ek kiran thi aasha ki ,uski low pr chalte aaye hain
Har sabere ek hi dhun thi, ke kuch karna hain
  Us dhun ke bharose ,aaj itna chal aaye hain"

पहली नज़र

" Main beshak naya hu is mahkane main,
Thoda samya to lagega isme samane main

Lekin ye to pakka hai ki jab hum sama jayenge isme .....
To maza tumhe bhi aayega ki wakai koi aaya hai is virane  main"

LOCKDOWN

                            ये किस माहौल में हम है            ख़ुशी के भेष में गम है                             देसी की बोतल में रम है ...