Sunday, April 12, 2020

LOCKDOWN


                            ये किस माहौल में हम है
           ख़ुशी के भेष में गम है
                            देसी की बोतल में रम है
          गले में सबके बलगम है
                         कनिका के बिगड़े सरगम है
     
         कोरोना के चक्कर में मानव बन बैठा जिंदा बम है

                        MP में राजनीति गरमा गरम है
        वॉट्सएप पर अफवाएं हरदम है
          सुन लो जनता कर्फ्यू है तो निकालना कम है
     क्युकी तुम्हारे लिए तो सिर्फ तुम हो
                लेकिन घर वालो के लिए तो सिर्फ हम

           इसलिए एक बार फिर कह रहा हूं निकलना कम है

Thursday, November 14, 2019

प्यार की गणित


।। जब  भी उन्हें देखता हूं, इंटेग्रेट होकर कॉन्स्टेंट बनाने का ख्याल आता है........

जब  भी उन्हें देखता हूं, इंटेग्रेट होकर कॉन्स्टेंट बनाने का ख्याल आता है........

 पर वो भी पहुंची हुई चीज है जीरो फंक्शन की तरहा

हर बार मेरा  इंटीग्रेटशन भी जीरो ही आता है ।।



Thursday, October 31, 2019

मां

।। मेरी तक़दीर तुझ से बदलेगी,

     मेरी तस्वीर भी तुझ से ही बदलेगी,

       मेरे साथ हमेशा रहना ओ "मां सरस्वती"

          मेरी क़िस्मत कि लकीरें भी तो तुझ से ही निखरेगी ।।

       
प्राचीन कालीन मा सरस्वती की छवि

Saturday, October 19, 2019

यादें

     ।।  आज वही दिन लौट कर आया है,
        एक बार फिर तेरी यादें साथ लाया है,
        हमें तो आज भी याद है ये दिन,
   क्या तुम्हें एक बार हमारा ख़्याल भी आया है ।।

Tuesday, October 15, 2019

विद्यार्जन

    करो पढ़ाई और करो पढ़ाई की बातें ,
         इन कंबखत उंच -नीच की बातों में क्या रखा है।
 
कुछ आएगा हाथ में तो अपने आप ही इज्जत मिलेगी,
      ऐसे बोल कर इज्जत मांगने में  क्या रखा है।

 

Wednesday, October 2, 2019

हौसला -ए -जुनून

।। तख्त -ए -सरदार तो रोज़ बदलते है,
     तख्त ए ताज को बदल कर दिखाओ,
       बहुत देखे है हमने हवाओं को मोड़ने वाले
      कोई समंदर- ए -लहर को बदल कर दिखाओ ।।

Tuesday, October 1, 2019

नज़रिया- ए - इश्क़

।। इश्क़ के समंदर में कभी डूबने की सोचना मत

इश्क़ के समंदर में कभी डूबने की सोचना मत
और जो डूब जाओ ......
                                  तो सोचना मत ।।

Sunday, September 29, 2019

व्यंगात्मक



 
।। जब भी कुछ जोड़ता हूं ,तो घटा हुआ आता है
 जब भी कुछ लिखता हूं,तो मिटा हुआ पाता है
जिंदगी में पता नहीं किसका भाग लगा है
साला
    अब तो दोगुना भी अंडररूट सा ही आता है।।

वो दिन

"कुछ दिन पुरानी बातें है ,
 पर कहने को कुछ है नहीं
आज यहां आए तो पता चला कुछ तो ख़ास था उन बातों में
 यू ही नहीं याद आई है ये दोबारा"

Saturday, September 28, 2019

Positivity


"Ek kadam chalo to, 
dusra apane aap uthne ko taiyar hain

Are tum bs ek kosis karke to dekho ,
safalta milne ko taiyar hain"

आशाएं


 "Halato se ruka nahi ,bad se badatar aaye hain,
Ek kiran thi aasha ki ,uski low pr chalte aaye hain
Har sabere ek hi dhun thi, ke kuch karna hain
  Us dhun ke bharose ,aaj itna chal aaye hain"

LOCKDOWN

                            ये किस माहौल में हम है            ख़ुशी के भेष में गम है                             देसी की बोतल में रम है ...